Digital India की नई राजनीति
कुछ हफ्ते पहले की बात है। मध्य प्रदेश में BJP युवा मोर्चा के नेता एक सवाल से जूझ रहे थे — Gen-Z तक पहुंचना है, तो उनकी भाषा में बात करनी होगी। पोस्टर नहीं, रैली नहीं। Reel चाहिए। और इसी सोच से जन्म हुआ एक बिल्कुल नए किस्म के राजनीतिक अभियान का।
नाम रखा गया — ‘Voice of Young India’। मकसद साफ था: 18 से 25 साल के युवाओं को सीधे जोड़ना, उनकी creativity को एक platform देना, और साथ में ₹1 लाख का इनाम भी।
अभियान की शुरुआत कैसे हुई
BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने इस campaign की घोषणा की। उन्होंने कहा कि युवा लगातार जुड़ रहे हैं और इस अभियान के जरिए उन्हें एक सशक्त मंच मिलेगा। स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के छात्र — सभी इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
Campaign का format simple लेकिन powerful है। 2 से 3 मिनट की रील बनाओ, BJP युवा मोर्चा के official Facebook page और अन्य social media platforms पर submit करो। Topics? विकसित भारत, राष्ट्र निर्माण में युवाओं का योगदान, और मध्य प्रदेश की विकास गाथा — ये सब इसमें शामिल हैं।
इनाम की रकम जो सबको चौंका दे
पहले स्थान की रील को मिलेगा ₹1,00,000। दूसरे स्थान पर ₹50,000 और तीसरे स्थान पर ₹25,000 का award। Top-10 finishers को विशेष सम्मान और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है। यह उस पीढ़ी को recognize करने की बात है जो smartphone लेकर पैदा हुई। जो Instagram और YouTube पर सोचती है। BJP ने समझा कि अगर Bharat का भविष्य Gen-Z है, तो उनसे उनकी ही भाषा में बात करनी होगी।
BJP का पलटवार और कांग्रेस का तंज
BJP प्रवक्ता कल्पेश ठाकुर ने campaign का बचाव करते हुए कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज कोई event करके देख ले — एक भी युवा नहीं जुड़ेगा। यह campaign सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए है, युवाओं को जोड़ने के लिए है।
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनका मीडिया विभाग भी reels बनाएगा — सागर शराब कांड की, इंदौर के गटर के पानी की, छिंदवाड़ा में जहरीले सिरप से 27 बच्चों की मौत की। और जो असली रील बनाएगा, उसे वो भी ₹1 लाख देंगे। जवाबी वार तीखा था, लेकिन BJP के campaign की momentum पर इसका कोई असर पड़ता नहीं दिखा।
क्यों है यह Bharat के लिए एक बड़ा moment
भारत की 65% आबादी 35 साल से कम है। यह demographic dividend सिर्फ economic नहीं, political भी है। जो party इस generation को connect करेगी, वो अगले दशक की राजनीति को define करेगी।
BJP का यह कदम उसी दिशा में एक calculated move है। Traditional rallies की जगह viral content। Pamphlets की जगह reels। यह सिर्फ एक campaign नहीं — यह एक नई राजनीतिक भाषा का उदय है। और मध्य प्रदेश उसकी पहली प्रयोगशाला बन रहा है।

