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Supreme Court करेगा सुनवाई: ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ Animated Film की Release पर ओडिशा सरकार की याचिका

Supreme Court करेगा सुनवाई: 'महाप्रभु जगन्नाथ' Animated Film की Release पर ओडिशा सरकार की याचिका

भगवान जगन्नाथ पर बनी animated film अब Supreme Court तक पहुंच गई है। ओडिशा सरकार ने CBFC-certified इस फिल्म की release को challenge किया है — और देश की सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई की मंजूरी दे दी है।

क्या है पूरा मामला?

Animated film ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ को Central Board of Film Certification (CBFC) ने screening की हरी झंडी दे दी थी। लेकिन ओडिशा सरकार इससे सहमत नहीं है। राज्य सरकार का तर्क है कि इस film की release से प्रदेश में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह याचिका सोमवार को Chief Justice of India संजीव खन्ना के उत्तराधिकारी CJI सूर्यकांत और Justices जायमाल्या बागची व V. मोहन की bench के सामने रखी गई।

Court ने तुरंत संज्ञान लिया। मंगलवार को सुनवाई की सहमति दी गई।

इससे पहले क्या हुआ था?

यह पहली बार नहीं है जब यह मामला Supreme Court के सामने आया है। Justice BV Nagarathna और Justice R. Mahadevan की bench ने पहले एक अहम फैसला सुनाया था — 28 जुलाई के बाद, यानी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा उत्सव के समापन के पश्चात, film की all-India release की अनुमति दी गई थी।

बड़ा सवाल: आस्था vs. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता?

यह मामला सिर्फ एक film की release का नहीं है। यह एक बड़े debate को जन्म देता है — Hindu आस्था और सांस्कृतिक संवेदनशीलता बनाम creative freedom और CBFC की certification authority। भगवान जगन्नाथ ओडिशा की आत्मा हैं, उनकी रथयात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में राज्य सरकार की चिंता को dismiss करना आसान नहीं।

Supreme Court का अगला कदम तय करेगा कि certified content को state government challenge कर सकती है या नहीं — यह precedent भारतीय film industry और धार्मिक content दोनों के लिए landmark साबित हो सकता है। नज़र रखें इस case पर।

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