प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में आयोजित मंत्रिपरिषद के ‘चिंतन शिविर’ के पहले दिन अपने मंत्रियों को एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया — सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचना चाहिए, और मंत्रालयों को समाज के लिए ठोस काम करना होगा। यह दो दिवसीय सम्मेलन Viksit Bharat@2047 के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
चार घंटे से अधिक चली इस बैठक में शासन सुधार, प्रशासनिक दक्षता और कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी पर गहन विचार-विमर्श हुआ। महिलाओं और युवाओं तक सरकारी लाभ की पहुंच सुनिश्चित करना इस चर्चा के केंद्र में रहा, जो सीधे तौर पर भारत के demographic dividend को सशक्त बनाने की सोच को दर्शाता है।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों को आठ समूहों में विभाजित किया गया था और PM मोदी ने प्रत्येक समूह के साथ व्यक्तिगत रूप से संवाद किया। उन्होंने मंत्रियों से सीधे फीडबैक लिया और सरकार के विभिन्न पहलुओं पर दिशा-निर्देश दिए, जो उनकी hands-on governance शैली को एक बार फिर रेखांकित करता है।
इस चिंतन शिविर का मूल उद्देश्य मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, भविष्य का एजेंडा तय करना और चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं व कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करना है। यह प्रक्रिया अगले सप्ताह भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे यह स्पष्ट है कि सरकार governance को एक continuous और iterative process के रूप में देख रही है।
Viksit Bharat की यह मुहिम 2021 से चल रही है। इसके तहत अल्पकालिक और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने के लिए सचिवों के 10 समूह गठित किए गए हैं और व्यापक stakeholder consultation की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब तक मंत्रिपरिषद के सामने इस विजन के विभिन्न पहलुओं पर आठ प्रजेंटेशन और चर्चाएं हो चुकी हैं, जो इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय लक्ष्य की गंभीरता को दर्शाता है।
यह चिंतन शिविर सचिवों के समूहों, मंत्रालयों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के कार्यों को एकीकृत करेगा। प्रशासनिक सुधार, ease of living, नियामकीय बोझ में कमी और गवर्नेंस की अन्य प्राथमिकताएं इसके एजेंडे की धुरी हैं — यानी यह सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि भारत के शासन तंत्र को 21वीं सदी के अनुरूप ढालने का एक सुनियोजित अभियान है।
यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब राजनीतिक हलकों में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें भी चल रही हैं, हालांकि सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, PM मोदी का पूरा फोकस delivery, accountability और 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर केंद्रित है।
(PTI के इनपुट के साथ)

