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NEET पेपर लीक के बाद भारत बनाएगा Leak-Proof Online Exam Infrastructure — हर कोने तक पहुंचेगी CBT की ताकत

NEET पेपर लीक के बाद भारत बनाएगा Leak-Proof Online Exam Infrastructure — हर कोने तक पहुंचेगी CBT की ताकत

NEET पेपर लीक कांड ने भारत की परीक्षा प्रणाली की कमज़ोरियों को सबके सामने उजागर कर दिया। इस घटना ने लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया और पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ा दी। केंद्र सरकार ने इस संकट को एक wake-up call की तरह लिया और अब देश की सभी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को पूरी तरह Computer-Based Test (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में कराने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। यह सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है — यह भारत की परीक्षा प्रणाली का कायाकल्प है।

NEET-UG पेपर लीक के तुरंत बाद सरकार ने ऐलान किया कि अगले साल से NEET को भी पेन-पेपर फॉर्मेट की जगह CBT मोड में कराया जाएगा। हालांकि इस पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शिक्षा मंत्रालय और National Testing Agency (NTA) ने मिलकर एक ऐसा robust infrastructure खड़ा करने की योजना बनाई है जो सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचे।

AICTE की Computer Labs का होगा सर्वे

इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में शिक्षा मंत्रालय और NTA ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से उससे संबद्ध सभी तकनीकी और शिक्षण संस्थानों का विस्तृत ब्यौरा मांगा। इस डेटा संग्रह में यह जानकारी मांगी गई कि किस संस्थान में कितनी computer labs हैं, वहां कौन-सा software काम करता है और computers किस model के हैं। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि इससे सरकार को पता चलेगा कि देशभर में मौजूदा digital infrastructure कितना capable है और कहां-कहां नए निवेश की ज़रूरत है।

अधिकांश संस्थानों से जानकारी आने के बाद मंत्रालय और NTA ने अगले कदम पर काम शुरू कर दिया है। अब यह आकलन हो रहा है कि इन संस्थानों में से कितने computers परीक्षा के लिए तुरंत उपयोगी हैं और कितने नए computers जुटाने की ज़रूरत पड़ेगी। यह planning exercise दरअसल उस बड़े लक्ष्य की नींव है जिसमें हर जिले, हर तालुका तक CBT परीक्षा केंद्र की पहुंच सुनिश्चित करनी है।

Nandan Nilekani Committee की रिपोर्ट पर टिकी हैं निगाहें

इस पूरी प्रक्रिया पर अंतिम फैसला नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित High-Power Committee की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा। Infosys के co-founder और Aadhaar के architect नीलेकणी की अगुआई में यह समिति परीक्षा सुधारों का एक comprehensive blueprint तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस समिति की रिपोर्ट अगले हफ्ते तक आने की संभावना है, जिसके बाद सरकार concrete action plan घोषित कर सकती है। यह समिति तकनीक, governance और transparency — तीनों मोर्चों पर सुधार की सिफारिशें करेगी।

फिलहाल JEE Mains और UGC-NET जैसी CBT परीक्षाओं के लिए NTA की निर्भरता private और contract-based exam centres पर है, जो कि एक बड़ी कमज़ोरी है। इन्हीं private centres की वजह से data security और integrity को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सरकार अब इस dependence से मुक्ति चाहती है और NTA के अपने dedicated exam centres बनाने की दिशा में काम हो रहा है जहां hardware और software — सब कुछ NTA का खुद का होगा।

Radha Krishnan Committee की सिफारिशें — जो पहले नज़रअंदाज़ हुईं

गौरतलब है कि इससे पहले Radha Krishnan Committee ने भी यही सिफारिश की थी कि NTA को अपने खुद के exam centres बनाने चाहिए जहां computers और software पूरी तरह NTA के नियंत्रण में हों। लेकिन NEET-UG पेपर लीक से पहले इन सिफारिशों को लागू नहीं किया गया, जिसके लिए बाद में शिक्षा मंत्रालय और NTA दोनों को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी। यह चूक देश के लाखों मेधावी छात्रों के लिए बेहद महंगी साबित हुई।

अब जब सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है जो Radha Krishnan Committee ने सुझाई थी, तो यह एक सकारात्मक संकेत है। भारत का युवा वर्ग — जो digital-first है, जो UPI से payment करता है और online classes से पढ़ाई करता है — वह एक ऐसी परीक्षा प्रणाली का हकदार है जो उतनी ही modern, secure और transparent हो। NEET scandal एक जख्म था, लेकिन अगर इससे निकलने वाला reform सही तरीके से implement हुआ, तो यह भारत की education system के लिए एक game-changer बन सकता है।

देश का digital infrastructure पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है — BharatNet से लेकर Common Service Centres तक, connectivity के मोर्चे पर भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। अब ज़रूरत है कि इसी infrastructure का उपयोग करके एक ऐसी leak-proof, tamper-proof और transparent परीक्षा प्रणाली बनाई जाए जो हर उस बच्चे को मौका दे — चाहे वह मुंबई में हो या मणिपुर के किसी दूरदराज गांव में। यही असली डिजिटल इंडिया का सपना है।

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