जोधपुर में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
शनिवार की सुबह राजस्थान के जोधपुर में आसमान गवाह बना एक ऐतिहासिक क्षण का — जब बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ का आगाज हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस शानदार आयोजन में शामिल हुए और भारत की रक्षा महत्वाकांक्षाओं को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाले बयान दिए।
यह वही जोधपुर है जो भारत की पश्चिमी सीमा की रक्षा का प्रतीक रहा है — और इसी धरती पर राजनाथ सिंह ने घोषणा की कि भारत अब पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक स्वदेशी रूप से विकसित करने की राह पर है।
स्टील्थ से लेकर 6th Gen तक — भारत की उड़ान
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत केवल पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान तक सीमित नहीं रहेगा। छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स और स्वदेशी विमान इंजनों के विकास पर भी काम तेज़ गति से जारी है। यह सुनकर हर भारतीय का सीना चौड़ा हो जाता है — क्योंकि अब तक यह तकनीक केवल अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के पास थी।
स्टील्थ विमान वह होता है जिसे दुश्मन के रडार पर पकड़ पाना लगभग नामुमकिन होता है। इसका रडार सिग्नेचर इतना छोटा होता है कि दुश्मन को पता चले, उससे पहले ही मिशन पूरा हो जाता है। यही वजह है कि यह तकनीक आधुनिक युद्ध में game-changer मानी जाती है।
तेजस और प्रचंड ने दिखाया दम
तरंग शक्ति-2026 के दौरान भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने हवाई करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही भारत के गर्व — स्वदेशी LCA तेजस — ने अपनी हवाई क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया, जो रक्षा विनिर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता की जीती-जागती मिसाल है।
इससे भी बड़ी बात — स्वदेश में निर्मित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ (LCH) ने भी अपना जलवा दिखाया। प्रचंड सिर्फ एक हेलीकॉप्टर नहीं, यह आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रतीक है — एयरोस्पेस और रक्षा तकनीक में भारत के नए आत्मविश्वास का प्रमाण।
युद्ध की बदलती तस्वीर — राजनाथ का विज़न
राजनाथ सिंह ने रेखांकित किया कि आधुनिक युद्ध अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रहा। अंतरिक्ष, साइबर स्पेस, विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम और सूचना युद्ध — ये सभी नए मोर्चे बन चुके हैं। जो देश इन सभी डोमेन में एक साथ दक्षता हासिल करेगा, वही 21वीं सदी की महाशक्ति बनेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण व्यापारिक और समुद्री मार्गों का इस्तेमाल अब रणनीतिक दबाव बनाने के लिए हो रहा है — एक स्पष्ट संकेत उन ताकतों की तरफ जो हिंद महासागर में भारत की बढ़त को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं। लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक हथियारों ने युद्धक्षेत्र का दायरा अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया है।
भविष्य की सैन्य शक्ति — Speed, Precision, Information
रक्षा मंत्री का संदेश बिल्कुल स्पष्ट था: भविष्य की सैन्य ताकत हथियारों की गिनती से नहीं, बल्कि गति, सटीकता, सूचना और समन्वय से तय होगी। जो देश सबसे तेज़ी से स्थिति का आकलन करेगा, निर्णय लेगा और कार्रवाई करेगा — वही जीतेगा।
भारत इस दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन की यह रफ्तार — तेजस से प्रचंड तक, और अब 5th Gen Stealth तक — यह साबित करती है कि भारत अब किसी का मुंह नहीं ताकता। यह नया भारत है — आत्मनिर्भर, शक्तिशाली और तैयार।

