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बुलेट ट्रेन काउंटडाउन: मई-जून 2026 में ट्रायल, मुंबई से वडोदरा सिर्फ 90 मिनट में — भारत का गेम-चेंजर मोमेंट आ रहा है!

बुलेट ट्रेन काउंटडाउन: मई-जून 2026 में ट्रायल, मुंबई से वडोदरा सिर्फ 90 मिनट में — भारत का गेम-चेंजर मोमेंट आ रहा है!

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को ऐलान किया कि भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल अगले साल मई या जून 2026 में शुरू होगा। वडोदरा में आयोजित ‘नमो फार विकसित भारत’ कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। ट्रायल सफल होते ही, दो से चार महीने के भीतर, यह ट्रेन आम यात्रियों के लिए खोल दी जाएगी।

यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं है। यह आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी, सबसे तेज़ और सबसे बोल्ड अभिव्यक्ति है। वैष्णव ने स्पष्ट कहा — “अगले वर्ष मई या जून में भारत की अपनी बुलेट ट्रेन टेस्टिंग के लिए ट्रैक पर होगी। टेस्टिंग पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा।”

वडोदरा से मुंबई का सफर अभी पांच से छह घंटे का है। बुलेट ट्रेन इसे सिर्फ 90 मिनट में तय करेगी। यह वही क्रांति है जो Japan ने 1964 में की थी — और अब Bharat 2026 में करने जा रहा है।

हाई-स्पीड ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम हाल ही में तैयार हुआ है और उसे स्क्वीज़ टेस्ट के लिए भेजा जा चुका है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर निर्माण तेज़ रफ्तार से जारी है। सूरत-वापी खंड इसी साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

रेलवे सेक्टर में सुधारों की बात करते हुए वैष्णव ने बताया कि सरकार ऑपरेटिंग सिस्टम, रिज़र्वेशन प्लेटफॉर्म और निर्माण नियमों को पूरी तरह modernize कर रही है। चेनाब ब्रिज और मिज़ोरम को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने जैसी दशकों पुरानी लंबित परियोजनाएं भी पूरी की जा चुकी हैं।

मंत्री ने बताया कि 280 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास हो चुका है और 36,000 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गई हैं। वंदे भारत टेक्नोलॉजी को अब मालगाड़ियों में भी शामिल किया जा रहा है। Covid-19 महामारी के बावजूद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी — बल्कि और तेज़ हुई।

वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे का जो आधुनिक चेहरा उभर रहा है, वह आने वाली कई पीढ़ियों की ज़िंदगी बदलेगा। यह सिर्फ infrastructure नहीं — यह नए भारत की पहचान है।

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