यमुना के किनारे, दिल्ली की सुबह में, ‘सदैव अटल’ स्मारक पर फूलों की खुशबू फैली हुई थी। 16 अगस्त — यह तारीख हर भारतीय के दिल में एक खास जगह रखती है, क्योंकि इसी दिन 2018 में भारत ने अपना एक महान सपूत खोया था। आज उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश एक बार फिर उस अटल व्यक्तित्व को याद कर रहा था, जिन्होंने भारत को दुनिया की नज़रों में एक नई पहचान दिलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह-सुबह ‘सदैव अटल’ पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे — यह सिर्फ एक राजनीतिक परंपरा नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी का अपने प्रेरणास्रोत के प्रति सच्चा नमन था।
पीएम मोदी ने X पर लिखा कि अटल जी अद्भुत दूरदर्शिता वाले असाधारण राजनेता थे, जिन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी के शब्द और प्रयास पीढ़ियों को प्रेरित करते रहे हैं, और उनका सुशासन व जन कल्याण पर जोर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।
वहीं राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण किया — वीरों की इस धरती पर एक और महान भारतीय को स्थायी सम्मान मिला। शाह ने कहा कि अटल जी ने एक ओर पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध में पूरी दुनिया को भारत की ताकत से परिचित कराया, और दूसरी ओर उनकी मूल्य-आधारित राजनीति ने अंत्योदय की कल्पना को जमीन पर उतारा।
25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा के पहले प्रधानमंत्री बने — यह कोई छोटी बात नहीं थी। उन्होंने साबित किया कि विचारधारा, कविता और कूटनीति एक साथ चल सकती हैं, और एक गठबंधन सरकार भी देश को मजबूती से आगे ले जा सकती है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक और सामाजिक विकास में नई ऊंचाइयां छुईं। उनका व्यक्तित्व, उनके आदर्श और राष्ट्र सेवा के प्रति उनकी अडिग प्रतिबद्धता — यह सब आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्र सेवा, ईमानदारी और सुशासन का जीवंत उदाहरण था। उनके आदर्श राष्ट्र-निर्माण की दिशा में हर कार्यकर्ता को सदैव प्रेरित करते रहेंगे — यह सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि एक संकल्प है।
आज जब भारत तेज़ी से एक वैश्विक शक्ति बनने की राह पर है, तब अटल जी की विरासत और भी प्रासंगिक हो जाती है। वह नेता जिसने परमाणु भारत की नींव रखी, जिसने दुश्मन को कारगिल में धूल चटाई, जिसने कविता में भी देश की आत्मा को जिया — ऐसे भारत रत्न को SDNewsWire का सलाम।

