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इंदौर को मिला 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक जिला अस्पताल — ₹83 करोड़ की विकास सौगात

इंदौर को मिला 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक जिला अस्पताल — ₹83 करोड़ की विकास सौगात

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार रोड पर स्थित नवनिर्मित 300 बिस्तरीय जिला अस्पताल भवन का लोकार्पण किया — और इसके साथ ही इंदौर को मिला एक ऐसा स्वास्थ्य केंद्र, जिसकी जरूरत शहर को वर्षों से थी। कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से हुई, और उपस्थित जनसमुदाय ने इस सौगात का उत्साह के साथ स्वागत किया।

इस अस्पताल की नींव उस सोच पर रखी गई जो MP सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए अपनाई है। मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने लगभग ₹83.13 करोड़ की लागत से इस भवन का निर्माण किया। 3.40 एकड़ भूमि पर फैला यह G+4 मंजिला भवन लगभग 2 लाख वर्गफीट में विकसित किया गया है — एमवाय अस्पताल के बाद इंदौर का सबसे बड़ा जिला अस्पताल।

निर्माण पूरा होने के बाद जब इसके दरवाजे खुले, तो अंदर की तस्वीर किसी भी आधुनिक शहर के अस्पताल से कम नहीं थी। इस अस्पताल में OPD, मेडिसिन व सर्जिकल विभाग, गायनिक वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, पीडियाट्रिक क्षेत्र और डायलिसिस यूनिट के साथ-साथ डिजिटल X-ray, CT Scan, MRI और सोनोग्राफी जैसी सुविधाएं दी गई हैं। वर्तमान में गायनिक सेवाएं, MRI, CT Scan और X-ray सेवाएं पहले से ही चालू हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मौके पर मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने याद दिलाया कि 2003 से पहले के 55 वर्षों में प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे और सीटों की संख्या महज 500 थी। आज वही प्रदेश 33 मेडिकल कॉलेज और 5,500 से अधिक सीटें रखता है, और जल्द ही यह संख्या 52 मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने वाली है।

एक और बड़ा ऐलान भी इस कार्यक्रम में हुआ — मध्यप्रदेश अब उन छात्रों को भी शिक्षण शुल्क देगा जो NEET क्लियर करने के बाद सरकारी की बजाय निजी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं। यह देश में अपनी तरह की अनोखी पहल है, जो मेडिकल एजुकेशन को सच्चे अर्थों में democratize करती है।

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड के निर्माण को भी स्वीकृति दी — इंदौर के बढ़ते कनेक्टिविटी नेटवर्क में एक और कड़ी जुड़ गई। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इंदौर से अबूधाबी की सीधी उड़ान शुरू होना मध्यप्रदेश की बढ़ती वैश्विक पहचान का प्रमाण है।

मंच से एक और बड़ा विषय उठा — समान नागरिक संहिता (UCC)। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विशेष समिति को प्रदेश के सभी 55 जिलों से 10 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं। सभी राजनीतिक दलों, धर्मों और समुदायों से राय ली गई है, और अब विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में इसे लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी संबोधित किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की नगरी इंदौर को आज जो मिला, वह सिर्फ एक इमारत नहीं — यह उस भारत का प्रतीक है जो तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, अपने नागरिकों के लिए बेहतर भविष्य गढ़ रहा है।

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