रांची के पिठोरिया से उठी एक कारीगर की कहानी, जो बताती है — मेहनत और हुनर हो तो कोई काम ‘छोटा’ नहीं
रांची. झारखंड के पिठोरिया में रहने वाले मिस्त्री रहमान एक ऐसे कारीगर हैं जिन्होंने अपने हाथों के हुनर को करोड़ों की नौकरी से ज्यादा मूल्यवान साबित कर दिया। कुआं रिंग बनाने का यह काम भले ही सीजनल हो, लेकिन हर दो-तीन महीने में लाख रुपये से ऊपर की कमाई — यह किसी jackpot से कम नहीं।
क्या होती है कुआं रिंग और क्यों है इसकी डिमांड?
कुआं रिंग सीमेंट से बनी गोलाकार संरचनाएं होती हैं, जिन्हें जमीन में गाड़कर कुआं या जल संचय ढांचा तैयार किया जाता है। गर्मी के मौसम में ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ती है, तो इनकी मांग आसमान छूती है।
रहमान बताते हैं, “गर्मी में कड़ी धूप होती है, जिससे रिंग जल्दी सूख जाती है। साथ ही पानी की जरूरत भी सबसे ज्यादा इसी मौसम में होती है — इसलिए हर दूसरे-तीसरे दिन ऑर्डर आता है।”
₹800 एक रिंग, ₹15,000 एक कुआं — Math समझो!
एक रिंग की कीमत ₹800 है। एक कुआं बनाने में 10 से 15 रिंग लगती हैं। Installation के साथ कुल रेट ₹15,000 से ₹18,000 तक पहुंच जाता है — यह निर्भर करता है कि कुआं कितना गहरा खोदना है।
सिर्फ कुआं नहीं — Rainwater Harvesting में भी काम आता है यह हुनर
रहमान का काम केवल कुओं तक सीमित नहीं है। कई घरों में लोग इन रिंग्स को जमीन में गाड़कर वर्षा जल संचय (Rainwater Harvesting) के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। छत से बहने वाला पानी इन ब्लॉक्स में स्टोर होता है।
यानी बरसात के मौसम में भी ऑर्डर आते हैं — काम कभी पूरी तरह बंद नहीं होता। रहमान रोज अपने हाथों से 20–25 रिंग तैयार करते हैं।
बच्चे पढ़ते हैं International Schools में — Seasonal Income, Year-Round Planning
रहमान की सबसे बड़ी ताकत है उनकी financial planning। दो-तीन महीने की बंपर कमाई को वे बच्चों की शिक्षा के लिए save करते हैं। उनके दोनों बच्चे अच्छे इंटरनेशनल स्कूलों में पढ़ते हैं और पढ़ाई में अव्वल हैं।
“यह जो jackpot वाला समय होता है, इसका सही इस्तेमाल करता हूं — ताकि बच्चों की पढ़ाई न रुके और पूरे घर की जिम्मेदारी उठा सकूं।” — मिस्त्री रहमान
असली सीख: कोई काम छोटा नहीं — बस झिझक छोड़ो
मुस्कुराते हुए रहमान कहते हैं, “मिस्त्री हैं तो क्या हुआ — अगर शिद्दत और लगन से काम करो, तो इसी में बहुत बढ़िया मुनाफा है। लोग झिझकते हैं कि यह छोटा काम है — यह सोच हटा दो, तो कमाने के अनगिनत रास्ते खुल जाते हैं।”
रहमान की यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक सबक है जो white-collar job की तलाश में अपने हुनर को नजरअंदाज कर देते हैं। Skill + Mehnat + Smart Planning — यही है असली success formula।

