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लक्ष्य 2030 का, मुकाम 2026 में — भारत बना दुनिया का नंबर-1 शिप रीसाइक्लिंग देश!

लक्ष्य 2030 का, मुकाम 2026 में — भारत बना दुनिया का नंबर-1 शिप रीसाइक्लिंग देश!

भारत ने रचा इतिहास: शिप रीसाइक्लिंग में बना वर्ल्ड चैंपियन

नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब ठान लो, तो deadline से पहले भी target crush किया जा सकता है। UNCTAD (United Nations Conference on Trade and Development) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 2025 में दुनिया का सबसे बड़ा जहाज रीसाइक्लिंग देश बन गया है — और यह उपलब्धि Maritime India Vision 2030 के target से पूरे चार साल पहले हासिल हुई है।

नंबर्स जो बोलते हैं

UNCTAD की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की शिप रीसाइक्लिंग क्षमता 2024 में 18.6 लाख Gross Ton (GT) से उछलकर 2025 में 29.9 लाख GT हो गई। यानी सिर्फ एक साल में करीब 60% की बढ़त — यह कोई छोटी बात नहीं।

Global ship recycling market में भारत की हिस्सेदारी भी 2024 के 30.1% से बढ़कर 2025 में 35.4% हो गई है। दुनिया के हर तीन में से एक जहाज़ अब भारत में recycle हो रहा है।

मंत्री सोनोवाल ने क्या कहा?

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस उपलब्धि पर कहा, “यह जिम्मेदार और टिकाऊ जहाज रीसाइक्लिंग के लिए भारत की Global Hub वाली स्थिति को और मजबूत करता है।”

सरकार ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी साझा की। यह उपलब्धि Modi सरकार के Maritime India Vision 2030 document में शामिल उस लक्ष्य की पूर्ति है जो 2030 तक हासिल करना था।

अलंग: भारत का शिप रीसाइक्लिंग पावरहाउस

गुजरात के अलंग शिप रीसाइक्लिंग यार्ड को और विस्तार देने की योजना है। सरकार का लक्ष्य भारत की कुल शिप रीसाइक्लिंग क्षमता को लगभग दोगुना करके 90 लाख Light Displacement Ton (LDT) तक पहुँचाना है।

गुजरात सरकार ने इसके लिए एक Trade Master Plan तैयार किया है, जो भविष्य की demand को पूरा करने, infrastructure को upgrade करने और global market में भारत की competitiveness बढ़ाने पर focused है।

आगे का रोडमैप: 16,000 जहाज़, बड़ा मौका

BIMCO (Baltic and International Maritime Council) के अनुसार, अगले एक दशक में दुनिया भर में 16,000 से अधिक जहाज़ recycle होने वाले हैं। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक आर्थिक अवसर है।

Bharat का बढ़ता दबदबा — सिर्फ शुरुआत है

यह सिर्फ एक industry की जीत नहीं है — यह उस New India का प्रमाण है जो deadlines से आगे निकलकर सोचता है। Maritime sector में यह dominance भारत को global trade और geopolitics में और ज़्यादा leverage देती है।

जो देश कभी दूसरों के पुराने जहाज़ recycle करने में पीछे था, वही आज दुनिया का नंबर-1 है। यही है असली Viksit Bharat की झलक।

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