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राम मंदिर दान चोरी विवाद: केजरीवाल पहुंचे अयोध्या, SIT की वैधता पर उठाए सवाल

राम मंदिर दान चोरी विवाद: केजरीवाल पहुंचे अयोध्या, SIT की वैधता पर उठाए सवाल

राम भक्त आहत, केजरीवाल ने किया अयोध्या दौरा

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और राम मंदिर में दान चोरी के कथित विवाद के बीच हनुमानगढ़ी तथा राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कई पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जो BJP सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।

केजरीवाल ने कहा, “मैं बेहद दुखी हूं। मेरे जैसे करोड़ों-करोड़ों लोग बेहद दुखी हैं।” उन्होंने राम मंदिर से आ रही खबरों को देशभर के राम भक्तों के लिए गहरी पीड़ा का कारण बताया।

क्या है आरोप? — हीरे, चांदी और 200 करोड़ नकद की चोरी

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को अर्पित हीरे और कीमती रत्न चुराए गए, नकद में 200 करोड़ रुपये की चोरी हुई और 200 किलोग्राम चांदी भी गायब हो गई।

उन्होंने सवाल किया कि जब अरबों रुपये के दान की चोरी का मामला है और कुछ रकम बरामद भी हो चुकी है, तो अब तक FIR क्यों नहीं दर्ज हुई थी

SIT पर केजरीवाल का बड़ा हमला — “यह सिर्फ धोखा है”

केजरीवाल ने कथित दान घोटाले की जांच कर रही Special Investigation Team (SIT) की कानूनी वैधता पर सीधा सवाल उठाया। उनका कहना था कि बिना FIR दर्ज हुए SIT का गठन ही अवैध है।

उन्होंने कहा, “CrPC कहता है कि SIT का गठन FIR दर्ज होने के बाद ही हो सकता है। यह SIT किस कानून के तहत बनाई गई है?” उन्होंने इसे “एक फ्रॉड” करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका मकसद सिर्फ प्रभावशाली लोगों को बचाना और पूरे मामले को दबाना है।

AAP सांसद संजय सिंह ने SIT के सामने पेश किए दस्तावेज

इससे पहले AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह SIT के सामने पेश हुए और उन्होंने ऐसे दस्तावेज जमा किए जिन्हें उन्होंने इस मामले में सबूत बताया।

BJP का पलटवार — “विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा”

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और FIR पहले ही दर्ज हो चुकी है।

BJP सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के मुद्दा उठाने से पहले ही ट्रस्ट ने खुद FIR दर्ज कराई, SIT बनाई गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने सरकार की कार्रवाई को पारदर्शी और न्यायसंगत बताया।

FIR दर्ज — BNS की कई धाराओं के तहत मामला

25 जून 2025 को अयोध्या राम मंदिर में प्राप्त दान की कथित हेराफेरी के संबंध में FIR दर्ज की गई। यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।

राम मंदिर — जो हिंदू सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है — उसमें हुई इस कथित अनियमितता ने देशभर के करोड़ों राम भक्तों को आहत किया है। अब सवाल यह है कि जांच निष्पक्ष होगी या राजनीतिक दबाव में दब जाएगी।

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