जर्मनी ने भारतीयों को दी बड़ी सौगात, ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म
नई दिल्ली। जर्मनी ने भारतीय यात्रियों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (ATV) की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। 3 जून 2025 से यह नियम लागू हो गया है — यानी अब जर्मन एयरपोर्ट से किसी तीसरे देश जाने वाले भारतीय नागरिकों को अलग से ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
हर साल लाखों भारतीय — छात्र, IT प्रोफेशनल्स, बिजनेसमैन और टूरिस्ट — जर्मनी के फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख और बर्लिन जैसे प्रमुख हवाईअड्डों के रास्ते यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों की यात्रा करते हैं। पहले इन सभी को एक अतिरिक्त ट्रांजिट वीजा के लिए आवेदन करना पड़ता था, जो न सिर्फ महंगा था बल्कि time-consuming भी था।
अब इस झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है। भारतीय पासपोर्ट धारकों की travel connectivity और मजबूत हुई है।
जर्मन दूतावास ने क्या कहा?
जर्मन दूतावास ने मंगलवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा, “जर्मन हवाईअड्डे पर ठहराव के साथ किसी अन्य देश की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को अब ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी।” जर्मनी सरकार ने इस संबंध में मंगलवार को ही आधिकारिक राजपत्र आदेश (Gazette Order) भी जारी कर दिया।
मेर्ज की भारत यात्रा का नतीजा
यह फैसला अचानक नहीं आया। जनवरी 2025 में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इस विषय पर विस्तृत बातचीत हुई थी। यह निर्णय उसी कूटनीतिक पहल का ठोस परिणाम है।
जर्मनी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम भारत-जर्मनी संबंधों को और मजबूत करने, people-to-people connectivity बढ़ाने और आर्थिक साझेदारी को गहरा करने की दिशा में उठाया गया है।
ट्रांजिट वीजा क्या होता है?
ट्रांजिट वीजा एक विशेष और अस्थायी परमिट होता है, जो किसी यात्री को अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के रास्ते में किसी तीसरे देश के एयरपोर्ट से गुजरने या वहां कुछ घंटे रुकने की अनुमति देता है। अब भारतीयों को जर्मनी में यह परमिट अलग से नहीं लेना होगा।
भारत की बढ़ती ताकत का संकेत
यह फैसला सिर्फ एक वीजा नियम में बदलाव नहीं है — यह दुनिया में भारत की बढ़ती साख और कूटनीतिक ताकत का प्रमाण है। जब दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भारतीय नागरिकों के लिए दरवाजे खोल रही हैं, तो यह हमारे demographic dividend और global influence का असर है।

