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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 3 बड़े फैसले: कर्मचारी चयन मंडल, ठेकेदारों को राहत और MSTC अनुबंध — जानें पूरी डिटेल

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 3 बड़े फैसले: कर्मचारी चयन मंडल, ठेकेदारों को राहत और MSTC अनुबंध — जानें पूरी डिटेल

छत्तीसगढ़ कैबिनेट मीटिंग में 3 अहम फैसले, विकास को मिलेगी रफ्तार

रायपुर, 26 मई 2026: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई। सुशासन तिहार के बीच हुई इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़े तीन बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई।

फैसला 1: कर्मचारी चयन मंडल अब सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम’ में संशोधन किया जाएगा।

गौरतलब है कि ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम, 2026’ लागू होने के बाद पूर्व के छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है। उसकी सभी संपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल में शामिल कर ली गई हैं।

फैसला 2: डामर की बढ़ती कीमतों पर ठेकेदारों को मिली राहत

1 अप्रैल 2026 के बाद बिटुमिन (डामर) की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए कैबिनेट ने सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को सीमित मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) देने का फैसला किया।

यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए एक निर्धारित फार्मूले के आधार पर दी जाएगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि निर्माण कार्यों में कोई रुकावट न आए और विकास की गति बनी रहे — बाकी एस्केलेशन नियम यथावत लागू रहेंगे।

फैसला 3: MSTC के साथ तीन साल का अनुबंध बढ़ाया गया

राज्य के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप और अनुपयोगी सामग्रियों के निस्तारण के लिए भारत सरकार के उपक्रम मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MSTC) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध को तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया।

यह अनुबंध नवंबर 2019 से प्रभावी था और 31 मई 2026 को समाप्त होने वाला था। MSTC के ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार प्रतिस्पर्धी बोली लगा सकते हैं — इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और राज्य को बेहतर मूल्य मिलता है।

तीनों फैसलों का सार एक नजर में:

छत्तीसगढ़ सरकार के ये फैसले सुशासन तिहार की भावना के अनुरूप हैं — जहां प्रशासनिक सुधार, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और डिजिटल पारदर्शिता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। Jai Chhattisgarh!

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