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‘गाय तो कटेगी ही’ — हुमायूं कबीर की बंगाल सरकार को खुली धमकी, ईद से पहले राज्य में तनाव

'गाय तो कटेगी ही' — हुमायूं कबीर की बंगाल सरकार को खुली धमकी, ईद से पहले राज्य में तनाव

‘गाय तो कटेगी ही, सुवेंदु चाहे जो कर लें’ — हुमायूं कबीर का विस्फोटक बयान

पश्चिम बंगाल में बकरीद से ठीक पहले राजनीतिक पारा चढ़ गया है। AJUP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने बंगाल की BJP सरकार को सीधी धमकी देते हुए कहा — ‘गाय तो कटेगी ही, सुवेंदु चाहे जो कर लें।’ यह बयान राज्य में नई सरकार के उस निर्देश के खिलाफ आया है जिसमें गाय, बीमार और कम उम्र के जानवरों की हत्या पर रोक लगाई गई है।

क्या है पूरा मामला?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के बाद CM सुवेंदु अधिकारी ने ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के मद्देनज़र कड़े निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत 14 साल से कम उम्र के जानवर, विकलांग या अस्वस्थ पशु की कुर्बानी पर पाबंदी लगाई गई है — और गाय की हत्या पर पूरी तरह रोक है।

ये नियम 1950 से राज्य के कानून में दर्ज हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने इन्हें लागू नहीं किया। अब BJP सरकार ने इन्हें सख्ती से लागू करने का ऐलान किया है।

हुमायूं कबीर ने दी सीधी चुनौती

मुर्शिदाबाद से विधायक और नई बाबरी मस्जिद निर्माण से जुड़े हुमायूं कबीर ने CM सुवेंदु अधिकारी को सीधे चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘आग से मत खेलो — अगर कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश हुई तो मुश्किलें खड़ी होंगी।’

कबीर ने यह भी कहा कि धार्मिक मामलों में दखल हुआ तो राज्य का माहौल बिगड़ेगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी। AJUP समेत कई मुस्लिम संगठन उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं।

BJP का पलटवार — ‘भड़काऊ भाषा बर्दाश्त नहीं’

BJP नेताओं ने हुमायूं के बयान को ‘भड़काऊ और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला’ करार दिया है। पार्टी ने उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

राज्य की मंत्री और वरिष्ठ BJP नेता अग्निमित्रा पॉल ने साफ कहा — ‘हम गाय को माता मानते हैं, यह भावनात्मक मुद्दा है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि 1950 के कानून अब सख्ती से लागू होंगे और किसी को भी छूट नहीं मिलेगी।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

बकरीद अगले हफ्ते है और राज्य प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं — तनाव फैलाने वालों की धर-पकड़ शुरू हो गई है।

लोगों से अपील की जा रही है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून का पालन करें।

राजनीतिक विश्लेषण — कट्टरपंथ का ‘एक्सपोज़र’

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद वे तत्व बौखलाए हुए हैं जो दशकों से कानून को ताक पर रखकर मनमानी करते रहे। पुरानी सरकार की छत्रछाया खत्म होने के बाद अब वे खुद ही एक्सपोज़ हो रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि सरकार को धमकी देने की यह रणनीति उल्टी पड़ेगी — क्योंकि हर उकसावे के साथ सरकार का शिकंजा और कसता जा रहा है।

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