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बिहार कैबिनेट विस्तार: BJP-JDU के बीच ‘नंबर गेम’ तय करेगा नए चेहरों की किस्मत, गांधी मैदान में आज शपथ

बिहार कैबिनेट विस्तार: BJP-JDU के बीच 'नंबर गेम' तय करेगा नए चेहरों की किस्मत, गांधी मैदान में आज शपथ

बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में आज होगी शपथ, BJP-JDU में सीटों का हिसाब-किताब जारी

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आज गांधी मैदान में मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है — BJP 12 मंत्री लेगी या 15? JDU 11 पर रुकेगी या 14 तक जाएगी? यही नंबर गेम तय करेगा कि नए चेहरों को मौका मिलेगा या नहीं।

JDU नहीं भरना चाहती पूरा कोटा

सूत्रों के अनुसार, जनता दल (यू) अपने पूरे मंत्री कोटे को नहीं भरना चाहती। पार्टी केवल 11 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाने के पक्ष में है।

JDU के इस रुख के बाद BJP के भीतर भी 12 सदस्यों को मंत्री पद देने की चर्चा तेज हो गई है। अगर ऐसा हुआ तो नए चेहरों की उम्मीद काफी कम हो जाएगी।

BJP के संभावित नए-पुराने कॉम्बिनेशन

अगर BJP 13 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाती है, तो नए चेहरे तभी आएंगे जब पुराने मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों की छुट्टी होगी। जाति समीकरण के आधार पर चर्चा में ये नाम हैं:

अगर BJP पूरा कोटा भरती है तो दलित वर्ग से संगीता कुमारी या अनिल राम और भूमिहार समुदाय से जीवेश मिश्रा या रजनीश कुमार को मौका मिल सकता है।

BJP रणनीतिकारों ने कायस्थ और कुशवाहा समुदाय से मंत्री पद की संभावना फिलहाल कम आंकी है — कुशवाहा से मुख्यमंत्री पहले से हैं और कायस्थ से BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष।

JDU में पुराने-नए चेहरों का होगा मिलन

JDU चाहे 11 या 14 मंत्री बनाए, नए चेहरे जरूर शामिल होंगे — लेकिन पुराने चेहरे ड्रॉप नहीं होंगे। दलित मंत्रियों में रत्नेश सदा और महेश्वर हजारी के नाम सबसे आगे हैं, जबकि नए नाम में अतिरेक कुमार की चर्चा है।

वैश्य समाज से ललन सर्राफ या श्वेता गुप्ता, कुशवाहा जाति से भगवान सिंह कुशवाहा, कुर्मी समाज से रूहेल रंजन और शुभानंद मुकेश मंत्री बन सकते हैं। इसके अलावा शीला मंडल या बुलो मंडल में से किसी एक को मंत्री पद मिल सकता है।

16-16 मंत्री शपथ लें तो क्या होगा संदेश?

अगर 7 मई को BJP और JDU दोनों अपना 16-16 का पूरा कोटा भर लेते हैं, तो इसका एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी होगा।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पूर्ण मंत्रिपरिषद शपथ का मतलब होगा — बाहरी दलों से NDA में शामिल होने वाले विधायकों को लेकर चल रही सभी अटकलों पर पूर्ण विराम। यानी गठबंधन अपनी मौजूदा संरचना में ही आगे बढ़ेगा।

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