ईंधन की कीमतों में फिर बड़ा झटका, आम आदमी की जेब पर असर
नई दिल्ली। सोमवार की सुबह देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई। पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया — यह दो हफ्तों से भी कम समय में चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़े हैं।
इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। आम आदमी के घरेलू बजट और परिवहन लागत पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमत
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम इस प्रकार हैं:
प्रमुख शहरों में डीजल की कीमत
डीजल के दाम भी पूरे देश में तेजी से बढ़े हैं। प्रमुख शहरों में स्थिति इस प्रकार है:
पिछले शनिवार को भी बढ़ी थीं कीमतें
इससे पहले शनिवार को भी पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी। उसी दिन दिल्ली में CNG की कीमत भी ₹1 प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹81.09 प्रति किलोग्राम हो गई थी।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
इस महंगाई की सबसे बड़ी वजह है होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते ईरान ने इस अहम जलमार्ग पर प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति बुरी तरह बाधित हो रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत की तेल विपणन कंपनियां — IOCL, BPCL और HPCL — पुरानी कीमतों पर ही ईंधन बेच रही थीं। अनुमान है कि तीनों कंपनियां मिलकर प्रतिदिन ₹1,000 करोड़ से अधिक का घाटा उठा रही थीं, जिसके बाद सरकार को दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा।
वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल का सीधा असर अब भारत के आम नागरिक की जेब पर पड़ रहा है — और फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं दिख रहे।

