पश्चिम एशिया में युद्ध फिर भड़का: भारत ने जताई गहरी चिंता, ईरान में मौजूद भारतीयों को तुरंत निकलने का निर्देश
तेहरान और तेल अवीव, 8 जून: पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात तेज़ी से बिगड़ते देख भारत ने सोमवार को हाई-प्रायोरिटी ट्रैवल एडवाइज़री जारी की। भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का निर्देश दिया है।
क्या हुआ पिछले 24 घंटों में?
रविवार शाम इज़रायल ने बिना किसी चेतावनी के बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इज़रायल पर दर्जनों मिसाइलें दागीं। इज़रायल ने फिर मध्य और पश्चिमी ईरान पर जवाबी हमले किए — जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका और गहरी हो गई।
8 जून को इज़रायल-ईरान युद्ध के 100 दिन पूरे हुए। ताज़ा हमलों ने पहले से नाज़ुक संघर्षविराम को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
भारतीय दूतावास की एडवाइज़री — क्या कहा गया?
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने साफ कहा:
विदेश मंत्रालय ने तेहरान और तेल अवीव दोनों दूतावासों के ज़रिए भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है।
इज़रायल में रह रहे भारतीयों के लिए अलर्ट
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने इज़रायल में रह रहे भारतीयों के लिए भी विस्तृत एडवाइज़री जारी की। दूतावास ने कहा, “क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इज़रायल में सभी भारतीय नागरिक हर समय अत्यधिक सावधानी बरतें।”
भारतीय नागरिकों को निर्देश दिया गया है कि वे:
इमरजेंसी हेल्पलाइन — तेल अवीव दूतावास
दूतावास ने कहा कि यह हेल्पलाइन 24×7 सक्रिय है और ज़रूरत पड़ने पर अपडेट जारी किए जाते रहेंगे।
कितने भारतीय हैं खतरे में?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी को जब यह संघर्ष शुरू हुआ, तब ईरान में लगभग 9,000 भारतीय — जिनमें छात्र भी शामिल थे — मौजूद थे। अब तक 1,800 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं।
इज़रायल में भारतीय समुदाय तेज़ी से बढ़ा है — फिलहाल वहां 40,000 से अधिक भारतीय रह रहे हैं। भारत सरकार इन सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
बड़ी तस्वीर — क्षेत्रीय संकट और गहरा
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इज़रायली जहाज़ों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है — जिससे वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल से तेहरान पर जवाबी हमले न करने की अपील की है। ट्रंप ने निराशा जताते हुए कहा कि हमले ऐसे वक्त हुए जब कूटनीतिक सफलता करीब थी — और दोनों पक्षों से बातचीत की मेज़ पर लौटने का आग्रह किया।
भारत की प्राथमिकता स्पष्ट है — हर भारतीय की सुरक्षा, हर हाल में। विदेश मंत्रालय स्थिति पर करीबी नज़र बनाए हुए है और ज़रूरत पड़ने पर नई एडवाइज़री जारी की जाएगी।

