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पश्चिम बंगाल में JeM का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: दर्जी की आड़ में CM सुभेंदु अधिकारी की रेकी, पाकिस्तान से था सीधा कनेक्शन

पश्चिम बंगाल में JeM का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: दर्जी की आड़ में CM सुभेंदु अधिकारी की रेकी, पाकिस्तान से था सीधा कनेक्शन

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के रेनेसां इलाके में एक साधारण-सा दर्जी अपनी सुई-धागे की दुकान चलाता था — कम से कम पड़ोसियों की नज़र में तो यही था। लेकिन शुक्रवार की सुबह जब पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की छह सदस्यीय टीम उस हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में दाखिल हुई और 23 वर्षीय हामिम मंडल को हथकड़ी पहनाई, तो मोहल्ले में सन्नाटा छा गया। जो लोग उसे रोज़ देखते थे, वे हैरान थे — मगर जांच एजेंसियों के हाथ जो दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत लगे हैं, वे एक बेहद खतरनाक साज़िश की तस्वीर उकेरते हैं।

एजेंसी सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है, वह रोंगटे खड़े करने वाली है। हामिम मंडल पर आरोप है कि वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा हुआ था और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों की रेकी कर रहा था — उनकी दिनचर्या, आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने का काम। उसके मोबाइल फोन से पाकिस्तान स्थित संपर्कों के साथ हुई बातचीत के स्पष्ट सबूत बरामद हुए हैं, और मोबाइल टावर लोकेशन डेटा यह साबित करता है कि वह लगातार अपने हैंडलर्स के टच में था।

STF सूत्रों के अनुसार, मंडल महीनों से निगरानी में था। उसके घर से मिले दस्तावेज़ और डिजिटल डेटा से पता चला है कि उसका संभावित हैंडलर शहजाद भट्टी गैंग से जुड़ा हो सकता है — हालांकि इस कड़ी की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाला यह दावा है कि हामिम मंडल का नाम पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड सज्जाद भट्ट से भी जोड़ा जा रहा है — वही 14 फरवरी 2019 का काला दिन, जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के 40 वीर जवान शहीद हो गए थे। यह महज़ एक स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की बंगाल में जड़ों की तलाश है।

जांच का एक और पहलू उतना ही गंभीर है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद — यानी TMC सरकार के जाने के बाद — ये ऑपरेटिव्स RSS और BJP के अन्य नेताओं की जानकारी भी जुटा रहे थे। यह सवाल अपने आप में बताता है कि यह नेटवर्क कितनी गहराई तक पैठ बना चुका था। हामिम मंडल को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ जज ने आगे की जांच के लिए उसे 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

राज्य BJP के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इस गिरफ्तारी पर सीधे और बेबाक शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल दशकों तक कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के लिए एक safe haven बना रहा। अब जब बंगाल में BJP की सरकार है और जो नेता इन चरमपंथियों के मंसूबों पर पानी फेरते रहे हैं, वे निशाने पर हैं — यह गिरफ्तारी उसी खतरे का जीता-जागता सबूत है। यह बयान सिर्फ राजनीतिक नहीं है; यह उस ज़मीनी हकीकत को रेखांकित करता है जिसे खुफिया एजेंसियां बरसों से दस्तावेज़ कर रही हैं।

और उस रेनेसां इलाके में, जहाँ हामिम मंडल रोज़ सुबह अपनी दुकान खोलता था, आज एक अजीब-सी खामोशी है। पड़ोसी उसकी गिरफ्तारी को हज़म नहीं कर पा रहे — क्योंकि आतंक का चेहरा हमेशा वैसा नहीं दिखता जैसा हम सोचते हैं। वह सुई-धागे से कपड़े सीता था, और शायद उसी आड़ में एक ऐसी साज़िश बुन रहा था जिसकी धागे पाकिस्तान तक जाते हैं। STF अब उस पूरे नेटवर्क को उधेड़ने में जुटी है — एक-एक धागा।

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