जयपुर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्या का अंत करेगा यह मेगा प्रोजेक्ट
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने पिंक सिटी की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक — न्यू सांगानेर रोड — को पूरी तरह ट्रैफिक जाम-फ्री बनाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। ₹24.28 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 12 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर जुलाई 2026 से जमीन पर उतरना शुरू होगा।
जयपुर एयरपोर्ट से कमला नेहरू नगर पुलिया तक का पूरा रूट अब बिना किसी रेड लाइट और जाम के क्लियर मिलेगा। JDA ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूरे प्रोजेक्ट को 6 से 8 महीने की सख्त डेडलाइन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दो फेज में बदलेगी तस्वीर
JDA ने इस पूरे रूट को दो अलग-अलग फेज में डेवलप करने की स्ट्रैटेजी बनाई है।
फेज 1 — 8 चौराहों पर U-Turn कॉरिडोर
द्वारकादास पार्क चौराहे से भृगु पथ तक कुल 9 में से 8 चौराहों को सिंगल और डबल यू-शेप टर्न में कन्वर्ट किया जाएगा। इन चौराहों पर अब गाड़ियों को रेड लाइट पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।
फेज 2 — B2 Bypass पर Cloverleaf Flyover
अग्रवाल फार्म से न्यू सांगानेर रोड B2 बाईपास जंक्शन पर ट्रैफिक का सबसे ज्यादा दबाव रहता है। यहां साधारण U-टर्न की जगह एक क्लोवर लीफ फ्लाईओवर बनाया जाएगा — जो इस पूरे कॉरिडोर का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड होगा।
इसके अलावा गोपालपुरा बाईपास पर दो और चौराहों को भी सिग्नल-फ्री किया जाएगा।
Pedestrians का भी रखा गया ख्याल — बनेंगे दो Underpass
JDA का यह प्लान सिर्फ गाड़ियों की रफ्तार के बारे में नहीं है। लगातार दौड़ते ट्रैफिक के बीच पैदल यात्रियों की सेफ्टी के लिए दो आधुनिक पैदल यात्री अंडरपास बनाए जाएंगे।
क्यों है यह कॉरिडोर इतना जरूरी?
न्यू सांगानेर रोड जयपुर के सबसे घने कमर्शियल और रेजिडेंशियल इलाकों को जोड़ती है। कोचिंग सेंटर्स, मार्केट्स और मानसरोवर जैसे बड़े रिहायशी इलाके की वजह से सुबह-शाम यहां भयंकर जाम लगता है।
यह सिग्नल-फ्री कॉरिडोर बनने के बाद न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि फ्यूल कंजम्पशन और प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी — जो Jaipur के लिए एक बड़ी पर्यावरणीय जीत होगी।
जगतपुरा महल रोड पर इसी मॉडल की सफलता के बाद JDA अब न्यू सांगानेर रोड पर यही फॉर्मूला अप्लाई कर रहा है। Pink City का इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड हो रहा है — और यह सिर्फ शुरुआत है।

