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आधार के दुरुपयोग पर Supreme Court में बड़ी सुनवाई — अवैध घुसपैठियों को मिल रहे दस्तावेज़?

आधार के दुरुपयोग पर Supreme Court में बड़ी सुनवाई — अवैध घुसपैठियों को मिल रहे दस्तावेज़?

आधार सिर्फ Identity Proof — नागरिकता का सबूत नहीं!

नई दिल्ली। Supreme Court मंगलवार को एक अहम जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता, मूल निवास और आवासीय पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से हो रहा है। याचिका में मांग की गई है कि आधार को सिर्फ पहचान की पुष्टि तक सीमित किया जाए।

कौन कर रहा है सुनवाई?

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेगी। यह PIL वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है, जिसे अश्वनी दुबे के ज़रिए प्रस्तुत किया गया है।

असली खतरा क्या है? — घुसपैठियों को मिल रहे Documents!

याचिका में सबसे चिंताजनक बात यह कही गई है कि Aadhaar Act में खुद लिखा है — यह नागरिकता या मूल निवास का प्रमाण नहीं है। फिर भी इसे उम्र, नागरिकता और निवास के सबूत के तौर पर धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।

याचिका के अनुसार, अवैध घुसपैठिए और illegal migrants आधार का दुरुपयोग करके एक के बाद एक सरकारी दस्तावेज़ हासिल कर रहे हैं — जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक अधिकारों के लिए सीधा खतरा है।

यह मामला क्यों है ज़रूरी?

भारत का Aadhaar system दुनिया का सबसे बड़ा biometric identity database है — 140 करोड़ से ज़्यादा enrollments। लेकिन जब इस system का दुरुपयोग होता है, तो यह डिजिटल इंडिया की सबसे बड़ी ताकत से सबसे बड़ी कमज़ोरी बन सकती है।

Supreme Court का यह फैसला तय करेगा कि आधार की सीमाएं कहाँ खींची जाएंगी — और देश की पहचान प्रणाली को कितना सुरक्षित बनाया जाएगा।

(PTI के इनपुट के साथ)

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