कर्नाटक की नई सरकार का काउंटडाउन शुरू
कर्नाटक के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्दरमैया सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। मकसद एक ही — 3 जून को होने वाले शपथ ग्रहण से पहले नई मंत्रिपरिषद के गठन पर कांग्रेस हाईकमान से मंथन करना।
शिवकुमार बुधवार शाम 4:05 बजे कुछ चुनिंदा मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शनिवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वे औपचारिक रूप से सिद्दरमैया की जगह लेंगे।
34 सीटें, सैकड़ों दावेदार — शिवकुमार का सबसे बड़ा इम्तिहान
कर्नाटक की मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 34 लोग ही हो सकते हैं। लेकिन दिल्ली में डेरा डाले बैठे मंत्री पद के आकांक्षियों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा है।
कर्नाटक भवन में मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, “हमें मंत्रिमंडल के बारे में फैसला करना है।” जब मंत्रियों की संख्या पूछी गई तो उन्होंने साफ कहा — “पार्टी हाईकमान जो तय करेगा, वही होगा।”
पार्टी सूत्रों ने माना है कि जो विधायक और पुराने मंत्री कैबिनेट में जगह नहीं पा सकेंगे, उनमें बड़े पैमाने पर नाराजगी का खतरा है। यही शिवकुमार का पहला और सबसे बड़ा टेस्ट है।
जाति, क्षेत्र और वफादारी — कैबिनेट का फॉर्मूला
सूत्रों के मुताबिक नई मंत्रिपरिषद में जाने-पहचाने चेहरों के साथ नए चेहरे भी शामिल किए जा सकते हैं। फॉर्मूले में जाति संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और पार्टी के प्रति निष्ठा को प्राथमिकता दी जाएगी।
अटकलें यह भी हैं कि नई सरकार में कई उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं और मौजूदा सिद्दरमैया कैबिनेट के कई मंत्री इस बार बाहर हो सकते हैं।
यतींद्र को मंत्री पद का भरोसा, KPCC अध्यक्ष पर भी होगी चर्चा
सिद्दरमैया के बेटे और MLC यतींद्र ने रविवार को शिवकुमार से मुलाकात के बाद दावा किया कि हाईकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है।
दिल्ली में इस बात पर भी चर्चा होने की उम्मीद है कि शिवकुमार की जगह कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष कौन बनेगा — क्योंकि CM बनने के बाद वे KPCC चीफ का पद नहीं संभाल सकते।

