बहराइच की बेटी नैना चौहान ने London में रचा इतिहास
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की एक छोटे से गाँव में पली-बढ़ी 23 साल की नैना चौहान को London के प्रतिष्ठित Royal Albert Hall में King Charles III ने खुद सम्मानित किया। उन्हें 2026 Amal Clooney Women’s Empowerment Award से नवाज़ा गया — एक ऐसी लड़की को, जो कभी खेतों में काम करती थी और घर में बिजली न होने पर घर के कचरे से तेल बनाकर रात भर पढ़ती थी।
संघर्ष की कहानी — जब पिता ने पढ़ाई छुड़वा दी
नैना ने 2021 में Class 10 पास करने के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ दी थी, क्योंकि उनके पिता — एक खेत मजदूर — ने इजाज़त नहीं दी। लेकिन नैना ने हार नहीं मानी। वो खेतों में काम करती रहीं, बच्चों को tuition देती रहीं और scholarship की मदद से पढ़ाई जारी रखी।
जब घर में अँधेरा होता था, तो वो घरेलू कचरे से खुद तेल बनाकर दीया जलाती थीं और भोर तक किताबों में डूबी रहती थीं। यही जज़्बा उन्हें आज London तक ले आया।
Project Lehar ने बदली ज़िंदगी
Aga Khan Foundation (AKF) के बहराइच branch में चलने वाले Project Lehar के volunteers से मुलाकात ने नैना की ज़िंदगी पलट दी। इस programme के ज़रिए उन्होंने न सिर्फ graduation पूरी की, बल्कि life skills और entrepreneurship की 6-7 महीने की training भी ली।
नैना ने Dr Rammanohar Lohia Avadh University से affiliated एक college से Hindi, Gujarati और Home Science में BA की degree हासिल की। अब वो Social Work में Master’s कर रही हैं।
अब नैना खुद हैं दूसरों की रोशनी
आज नैना खुद Project Lehar की trainer हैं और हर साल सैकड़ों वंचित लड़कियों को आत्मविश्वास, skills और अवसर दिलाने में मदद करती हैं। अपनी कमाई से उन्होंने एक motorbike खरीदी, जो उन्हें आज़ादी से आने-जाने की ताकत देती है।
Amal Clooney ने award देते हुए कहा कि सिर्फ 23 साल की उम्र में नैना अपने समुदाय की लड़कियों की सबसे बड़ी आवाज़ बन चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज नैना के गाँव में एक भी लड़की अनपढ़ नहीं है।
Royal Albert Hall में जमा था सितारों का जमावड़ा
King’s Trust International के इस celebration event में Amal Clooney, George Clooney, Charlotte Tilbury और Rod Stewart जैसी international हस्तियाँ मौजूद थीं। Award को Charlotte Tilbury MBE ने sponsor किया है।
यह award 18 से 30 साल की उन exceptional युवतियों को दिया जाता है, जिन्होंने बड़ी मुश्किलों को पार कर अपने समुदाय को बदला हो।
बहराइच से दूसरी बार London तक का सफर
नैना इस award को जीतने वाली बहराइच की दूसरी महिला हैं। 2024 में इसी जिले की आरती को Pink E-rickshaw Initiative के ज़रिए महिलाओं के लिए सुरक्षित transport promote करने पर यही सम्मान मिला था।
नैना का संदेश — हर गाँव में है उम्मीद
बहराइच लौटने के बाद नैना ने कहा कि यह award सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उन तमाम लड़कियों का है जो गरीबी और सामाजिक बंधनों के बावजूद अपने सपनों के लिए लड़ रही हैं।
उनके शब्दों में: “मैं सोचती थी कि बेहतर भविष्य सिर्फ बड़े शहरों के लोगों के लिए है। अब मैं जानती हूँ — अवसर हर जगह हैं, बस हमें गलत को चुनौती देने और अपने लक्ष्य के लिए लड़ने की हिम्मत चाहिए।”

