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महाराष्ट्र में ISIS का ‘लोन वुल्फ’ खतरा: अकेलेपन और डिप्रेशन को हथियार बनाकर युवाओं को कर रहा ब्रेनवॉश

महाराष्ट्र में ISIS का 'लोन वुल्फ' खतरा: अकेलेपन और डिप्रेशन को हथियार बनाकर युवाओं को कर रहा ब्रेनवॉश

ठाणे हमले से उजागर हुई ISIS की खतरनाक रणनीति

आतंकी संगठन ISIS (इस्लामिक स्टेट) ने केरल के बाद अब महाराष्ट्र को अपना नया निशाना बनाया है। सोमवार को ठाणे में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए ‘लोन वुल्फ’ हमले ने इस खतरनाक पैटर्न को उजागर कर दिया है।

हमलावर जैब जुबैर अंसारी ने हमले के बाद छोड़े गए एक नोट में साफ लिखा — यह हमला ISIS में शामिल होने की दिशा में उसका पहला कदम था। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह ISIS के आठ साल पुराने ‘लोन वुल्फ मैनुअल’ की हू-ब-हू नकल है।

अकेलापन और डिप्रेशन — ISIS का नया हथियार

IB अधिकारियों के मुताबिक, ISIS जानबूझकर उन युवाओं को टारगेट करता है जो अकेलेपन, हताशा और डिप्रेशन से जूझ रहे होते हैं। जुबैर भी अमेरिका में नौकरी न मिलने के बाद भारत लौटा था और मानसिक रूप से टूटा हुआ था।

ISIS के हैंडलर्स ऑनलाइन ऐसे कमजोर युवाओं की पहचान करते हैं और फिर उन्हें धीरे-धीरे कट्टरपंथ की राह पर धकेलते हैं। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर होती है — बिना किसी फिजिकल कॉन्टैक्ट के।

मुंबई से अहिल्यानगर तक — राज्यभर में फैला नेटवर्क

इसी महीने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS ने मुंबई के कुर्ला और खडावली से मोसाब आदम उर्फ कलाम कल्याण और मोहम्मद हमद कोल्लारा को गिरफ्तार किया। दोनों ISIS मॉड्यूल के सदस्य थे और रिमोट-कंट्रोल खिलौना कारों में विस्फोटक छिपाने की साजिश रच रहे थे।

फरवरी 2025 में ATS ने अहिल्यानगर और यवतमाल जिलों में 21 जगहों पर एक साथ छापे मारे थे। इन छापों का मकसद युवाओं को कट्टरपंथी बनाने वाले ISIS नेटवर्क को तोड़ना था।

सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ये इलाके

‘ऑफलाइन ट्रेनिंग नहीं, ऑनलाइन जहर’ — ISIS की नई स्ट्रैटेजी

अधिकारियों के अनुसार, ISIS अब ऑफलाइन ट्रेनिंग कैंप्स में निवेश नहीं करता। इसकी जगह वह ऑनलाइन कंटेंट के जरिए युवाओं को ‘सेल्फ-रैडिकलाइज’ करने पर जोर देता है।

संगठन का मॉडल साफ है — लोन वुल्फ खुद सामग्री जुटाए, खुद योजना बनाए और खुद हमला करे। ISIS उन्हें सरल तरीके सुझाता है जैसे भीड़ पर गाड़ी चढ़ाना, पत्थरों से हमला करना — ताकि हथियारों की जरूरत ही न पड़े।

Bharat की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

महाराष्ट्र में ISIS से जुड़ी घटनाओं की बढ़ती संख्या सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। ATS, IB और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मिलकर इस नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस खतरे से निपटने के लिए डिजिटल निगरानी और युवाओं की काउंसलिंग दोनों जरूरी हैं। ISIS की यह ‘वर्चुअल जिहाद’ रणनीति भारत के लिए एक नई और जटिल सुरक्षा चुनौती है।

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