पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण ने इतिहास रच दिया है। राज्य में आजादी के बाद पहली बार 92.68% वोटर टर्नआउट दर्ज किया गया है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में स्वतंत्रता के बाद सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया है।
कूचबिहार में सबसे अधिक मतदान
16 जिलों के 3 करोड़ 60 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1.84 करोड़ पुरुष, 1.76 करोड़ महिलाएं और 465 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
सबसे अधिक मतदान कूचबिहार जिले में 95.53% दर्ज किया गया, जबकि कालिम्पोंग में सबसे कम 83.01% वोटिंग हुई।
जिलेवार मतदान प्रतिशत
शांतिपूर्ण मतदान की सराहना
मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि 152 विधानसभा सीटों के लिए 45 हजार मतदान केंद्रों में वोटिंग संपन्न हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के लोगों ने बिना किसी डर के मतदान किया।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हर मतदाता को सलाम करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में जनता की सहभागिता अभूतपूर्व रही है।
दूसरे चरण की तैयारी
अब शेष 142 विधानसभा सीटों के लिए दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल, 2026 को होगा। वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा 4 मई, 2026 को की जाएगी।
यह रिकॉर्ड मतदान दर्शाता है कि बंगाल की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना भरपूर विश्वास जताया है और राज्य के भविष्य को लेकर गंभीर है।

