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कोयंबटूर कांड: 10 साल की मासूम की मां के आरोपों से थलापति विजय सरकार बैकफुट पर, न्यायिक जांच की उठी मांग

कोयंबटूर कांड: 10 साल की मासूम की मां के आरोपों से थलापति विजय सरकार बैकफुट पर, न्यायिक जांच की उठी मांग

तमिलनाडु में 10 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म-हत्या मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल

कोयंबटूर में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के कथित यौन उत्पीड़न और हत्या का मामला अब सीधे थलापति विजय की सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है. पीड़िता की मां ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बेटी का अंतिम संस्कार उनकी जानकारी और सहमति के बिना करा दिया गया.

मां का आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें पूरे मामले में चुप रहने के लिए दबाव डाला. यह मामला अब एक्टर से मुख्यमंत्री बने थलापति विजय की सरकार के लिए पहली बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक परीक्षा बन गया है.

मां के आरोप — क्या-क्या कहा?

पीड़िता की मां ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद बच्ची के शव को बिना किसी सूचना के कोयंबटूर से सलेम ले जाया गया. परिवार को शव वाहन के पास तक नहीं जाने दिया गया.

मां के अपने शब्दों में — “जब तक मैं अपने पति के घर सलेम पहुंची, तब तक मेरी बच्ची का अंतिम संस्कार हो चुका था. मुझे बताया तक नहीं गया.”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पोस्टमॉर्टम के दौरान अधिकारियों ने परिवार पर मामले में समझौता करने का दबाव बनाया. मंत्रियों और अधिकारियों ने सलेम में उनसे कहा — “इस मामले में कुछ मत बोलो.”

मां की प्रमुख मांगें

विपक्ष ने घेरा — “सरकार दबा रही है मामला”

इस घटना के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने विजय सरकार पर हमला तेज कर दिया है. विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार इस संवेदनशील मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

कई संगठनों ने न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार पर प्रशासनिक दबाव लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए खतरनाक संकेत है.

सरकार और पुलिस का रुख

राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से मां के आरोपों पर अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पुलिस का केवल इतना कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी.

पूरे तमिलनाडु में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है. अब सवाल यह है कि थलापति विजय — जो परदे पर न्याय के नायक रहे हैं — असल ज़िंदगी में इस मां को न्याय दिला पाएंगे या नहीं?

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