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Coal India का Global Pivot: चिली में Lithium, ऑस्ट्रेलिया में Critical Minerals — भारत की खनिज क्रांति शुरू!

Coal India का Global Pivot: चिली में Lithium, ऑस्ट्रेलिया में Critical Minerals — भारत की खनिज क्रांति शुरू!

Coal India अब सिर्फ कोयला नहीं — Lithium से Rare Earth तक, विदेशों में जमाएगा पैर

सरकारी दिग्गज Coal India Limited (CIL) ने अपनी सबसे बड़ी strategic shift की घोषणा कर दी है। कंपनी इस चालू वित्त वर्ष में चिली और सिंगापुर में सहायक इकाइयां स्थापित करने जा रही है — और निशाने पर हैं Lithium, Rare Earth, तांबा और Coking Coal जैसे critical minerals।

यह सिर्फ एक कारोबारी फैसला नहीं है। यह भारत की mineral security की दिशा में एक बड़ा कदम है — जब दुनिया भर में EV revolution और clean energy की होड़ मची हुई है।

चिली में Lithium Block पर नज़र — बस सरकारी मंजूरी का इंतजार

CIL के Chairman और MD बी. साईराम ने Business Standard को बताया कि कंपनी ने चिली में एक Lithium block की पहचान कर ली है और ज़रूरी groundwork पूरी हो चुकी है।

अब सिर्फ चिली सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। साईराम के मुताबिक, “अगर मंजूरी मिल जाती है तो हम 2-3 साल में खनन शुरू कर सकते हैं।”

चिली दुनिया के सबसे बड़े Lithium भंडारों में से एक है — और भारत का वहां पहुंचना China के mineral dominance को सीधी चुनौती है।

Singapore Hub: ऑस्ट्रेलिया Operations का Gateway बनेगा

सिंगापुर की सहायक कंपनी CIL के लिए ऑस्ट्रेलिया में operations का platform बनेगी। वहां Rare Earth, Coking Coal और तांबे के क्षेत्र में काम करने वाले top mining operators के साथ collaboration की तैयारी है।

साईराम ने साफ कहा — “हम ऑस्ट्रेलिया के कुछ बेहतरीन mining operators के साथ साझेदारी की कोशिश में हैं। सभी मोर्चों पर काम जारी है।

सिर्फ Mining नहीं — पूरी Value Chain पर कब्जा

CIL की यह subsidiary structure केवल खदान खोदने तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें Processing, Beneficiation, Logistics, Regulatory Approvals और market linkages — यानी पूरी mineral value chain शामिल होगी।

साईराम के शब्दों में — “Mining एक काम है, Processing बिल्कुल अलग। ये subsidiaries पूरी supply chain को manage करेंगी।”

Timeline क्या है?

क्यों है यह भारत के लिए Game-Changer?

भारत अभी Critical Minerals के लिए बड़े पैमाने पर import पर निर्भर है — खासकर China से। EV batteries, semiconductors और defence technology सब इन्हीं minerals पर टिके हैं।

CIL का यह global pivot सीधे Atmanirbhar Bharat की सोच से जुड़ता है — जहां भारत अपनी mineral security खुद सुनिश्चित करे, किसी और के भरोसे न रहे। Jai Hind। Jai Bharat।

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