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Trump का AI पर बड़ा बयान: ‘जो जीतेगा AI की Race, वही जीतेगा दुनिया’ — China, Canada पर भी दागे तीखे तीर

Trump का AI पर बड़ा बयान: 'जो जीतेगा AI की Race, वही जीतेगा दुनिया' — China, Canada पर भी दागे तीखे तीर

एयर फोर्स वन पर सवार, आयरलैंड से वापस लौटते हुए — Donald Trump ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी जुबान कभी रुकती नहीं।

रविवार की रात, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump आयरलैंड दौरे से लौट रहे थे, तब उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से खुलकर बात की। विषय थे — China, Canada, Artificial Intelligence और global trade। और जैसा Trump के साथ हमेशा होता है, हर जवाब एक headline बन गया। यह कोई routine press briefing नहीं थी — यह Trump की उस सोच की झलक थी जो आने वाले दशकों की geopolitics को shape करेगी, और जिसका सीधा असर India पर भी पड़ेगा।

AI को लेकर Trump ने जो कहा, वह सबसे ज़्यादा चर्चा में है। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा — “जो AI जीतेगा, वही जीतेगा।” यानी जो देश Artificial Intelligence की race में आगे निकलेगा, वही 21वीं सदी का असली superpower होगा। Trump ने दावा किया कि America इस दौड़ में बाकी सबसे कहीं आगे है। जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वह खुद AI इस्तेमाल करते हैं, तो Trump ने हां कहा — लेकिन यह बताने से साफ इनकार कर दिया कि किस काम के लिए। यह रहस्य भी अपने आप में एक statement है। AI पर किसी भी तरह की regulation या “लगाम” की बात पर Trump भड़क गए — उनके लिए यह “बेवजह की tension” है जो innovation को रोकती है। यह नज़रिया India के लिए एक important signal है, क्योंकि India भी अपने AI ecosystem को तेज़ी से build कर रहा है और अनावश्यक regulation से बचने की ज़रूरत को समझता है।

China के मसले पर Trump का रुख थोड़ा nuanced था, लेकिन उनकी tariff policy पर वह पूरी तरह confident दिखे। उन्होंने माना कि President Xi Jinping ने अब तक “उचित तरीके से व्यवहार किया है,” और यह भी स्वीकार किया कि जासूसी दोनों तरफ से होती है — “हां, China हमारी जासूसी करता है, लेकिन हम भी उनकी करते हैं।” यह कूटनीतिक ईमानदारी है या tactical posturing — यह तय करना मुश्किल है। लेकिन जो बात crystal clear है, वह यह कि Trump की tariff policy ने Chinese cars को American market से बाहर रखा है। उन्होंने बताया कि Chinese goods पर 100 से 150 प्रतिशत तक tariff लगाए गए। Europe में Chinese cars की बाढ़ आ रही है, लेकिन America में नहीं — और यह Trump की economic nationalism का सबसे ठोस नतीजा है। India के लिए यह scenario एक opportunity है, क्योंकि जब China global markets में दबाव में होता है, तो India के लिए manufacturing और export के दरवाज़े खुलते हैं।

Canada को लेकर Trump ने जो कहा, वह diplomatic circles में तूफान ला सकता है। उन्होंने साफ कहा — “Canada वह देश है जिससे निपटना सबसे मुश्किल है।” रूस और China से भी ज़्यादा। हालांकि Trump ने Canadian नागरिकों और वहां के नेताओं में फर्क किया — लोग शानदार हैं, नेता नहीं। उनका आरोप था कि Canada ने वर्षों तक America का फायदा उठाया, लेकिन अब यह बंद हो गया है। यह बयान एक बड़े geopolitical shift की तरफ इशारा करता है — America अपने पड़ोसियों और पुराने allies को भी उसी कड़े नज़रिए से देख रहा है जिससे वह rivals को देखता था।

Boeing deals और global trade पर Trump का वही पुराना confidence था — “मैं हर deal कर लेता हूं।” यह arrogance है या track record पर आधारित आत्मविश्वास, यह debate का विषय हो सकता है। लेकिन एक बात तय है — Trump की यह सोच कि AI की race जीतना곧 दुनिया जीतना है, वह सिर्फ America की नहीं, बल्कि हर उस देश की सोच होनी चाहिए जो 2047 तक Viksit Bharat का सपना देख रहा है। India के पास talent है, demographic dividend है, और एक growing tech ecosystem है। Trump की AI race में अगर कोई serious challenger बन सकता है — तो वह Bharat है। और यही हमारी असली geopolitical opportunity है।

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