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Meta का $7 Billion Scam: Facebook-Instagram पर आपकी जेब कैसे कट रही है — पूरा सच यहाँ है

Meta का $7 Billion Scam: Facebook-Instagram पर आपकी जेब कैसे कट रही है — पूरा सच यहाँ है

Facebook खोलो, Instagram स्क्रॉल करो — और हर तीसरा विज्ञापन आपको किसी “जबरदस्त डील” का लालच दे रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इनमें से कितने विज्ञापन असली हैं? लीक हुए सीक्रेट डॉक्युमेंट्स और सरकारी जांच के बाद अब यह साफ हो गया है कि Mark Zuckerberg की कंपनी Meta हर साल करीब $7 अरब डॉलर — यानी लगभग ₹58,000 करोड़ — सीधे scam ads से कमाती है। यह रकम कंपनी की कुल सालाना कमाई का करीब 10% हिस्सा है। सोचिए — दस में से एक रुपया सीधे fraud की जेब से आता है।

अब सबसे चौंकाने वाली बात सुनिए। Meta का automated system सिर्फ उन्हीं विज्ञापनों को block करता था जिनमें 95% fraud पक्का हो — बाकी सब users तक पहुंचने दिया जाता था। मतलब साफ है: अगर किसी scam का “सिर्फ” 80-90% chance है, तो Meta उसे आपके सामने परोसने में कोई दिक्कत नहीं देखती थी। यह कोई technical glitch नहीं, यह एक conscious business decision था।

2023 के data से पता चलता है कि Facebook और Instagram users हर हफ्ते करीब 1,00,000 verified scam messages की रिपोर्ट कर रहे थे। इतनी शिकायतों के बावजूद Meta ने उनमें से 96% को या तो खारिज किया या नजरअंदाज किया। कंपनी का पूरा ध्यान सिर्फ बड़े celebrities के नाम पर होने वाले fraud रोकने में था — क्योंकि उससे बड़े advertisers नाराज होते। आम users? वो तो बस एक number हैं। यह है असली “Meta community standards” का सच।

भारत में मामला और भी गंभीर हो गया जब NDTV की एक जांच में सामने आया कि Facebook और Instagram पर बच्चों से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक videos मात्र ₹50 में बेचे जा रहे थे। यह सुनकर रूह कांप जाती है। इस खुलासे के बाद भारत सरकार के Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने Meta के Global Policy Head Joel Kaplan समेत शीर्ष अधिकारियों को summon जारी किया और सख्त जवाब तलब किया। भारत चुप नहीं बैठेगा — यह message clear है।

Meta के spokesperson Andy Stone ने सफाई देते हुए कहा कि लीक दस्तावेज़ “पूरी picture नहीं दिखाते” और कंपनी safety infrastructure में भारी निवेश कर रही है। लेकिन May 2025 की एक internal presentation में Meta के खुद के safety employees ने स्वीकार किया था कि अमेरिका में होने वाले कुल online scams में से एक-तिहाई मामले Meta के platforms से जुड़े होते हैं। यानी जो कंपनी “connecting the world” का नारा देती है, वो असल में scammers को आपसे connect करवाने का सबसे बड़ा ज़रिया बन चुकी है। अगली बार जब कोई “too good to be true” ad दिखे — रुकिए, सोचिए, और report करिए। आपकी एक click किसी और की ज़िंदगी बचा सकती है।

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